विक्रान इंजीनियरिंग IPO 2025: निवेशकों के लिए पूरी जानकारी
भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग सेक्टर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में विक्रान इंजीनियरिंग लिमिटेड (Vikran Engineering Ltd.) अपना आईपीओ (IPO) लेकर आ रही है। इस लेख में हम इस पब्लिक इश्यू की पूरी जानकारी देंगे – जैसे कि प्राइस बैंड, लॉट साइज, सब्सक्रिप्शन डेट, कंपनी की वित्तीय स्थिति और निवेशकों के लिए संभावित लाभ।
Vikran Engineering कंपनी का परिचय
विक्रान इंजीनियरिंग एक EPC (Engineering, Procurement and Construction) कंपनी है जो पावर, वाटर, रेलवे और सोलर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी की शुरुआत साल 2008 में हुई थी और आज यह भारत के अलग-अलग राज्यों में बड़े स्तर पर परियोजनाएं पूरी कर चुकी है।
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अब तक कंपनी ने 45 प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं जिनकी कुल वैल्यू लगभग ₹1,920 करोड़ है।
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फिलहाल कंपनी के पास 44 चल रहे प्रोजेक्ट्स हैं जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹5,120 करोड़ है।
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कंपनी का ऑर्डर बुक जून 2025 तक ₹2,442 करोड़ का है।
Vikran Engineering IPO के मुख्य विवरण
| श्रेणी | जानकारी |
|---|---|
| IPO साइज | ₹772 करोड़ (₹721 करोड़ फ्रेश इश्यू + ₹51 करोड़ OFS) |
| प्राइस बैंड | ₹92 – ₹97 प्रति शेयर |
| लॉट साइज | 148 शेयर प्रति लॉट |
| न्यूनतम निवेश | लगभग ₹13,616 – ₹14,356 |
| सब्सक्रिप्शन खुलने की तारीख | 26 अगस्त 2025 |
| सब्सक्रिप्शन बंद होने की तारीख | 29 अगस्त 2025 |
| अलॉटमेंट डेट | 1 सितंबर 2025 |
| लिस्टिंग डेट | 3 सितंबर 2025 (BSE/NSE) |
| निवेशक श्रेणी आवंटन | QIB – 50%, रिटेल – 35%, NII – 15% |
Vikran Engineering IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग
कंपनी इस आईपीओ से मिली राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से वर्किंग कैपिटल जरूरतों और कॉर्पोरेट कार्यों के लिए करेगी।
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फ्रेश इश्यू से प्राप्त धनराशि कंपनी के पास जाएगी।
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जबकि OFS (Offer for Sale) से आने वाला पैसा प्रमोटर और मौजूदा निवेशकों को मिलेगा।
Vikran Engineering की वित्तीय स्थिति
वित्तीय वर्ष 2024 और 2025 के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी स्थिर रूप से बढ़ रही है।
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FY2024 राजस्व: ₹786 करोड़
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FY2025 राजस्व: ₹916 करोड़ (16.5% की वृद्धि)
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FY2024 शुद्ध लाभ (PAT): ₹75 करोड़
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FY2025 शुद्ध लाभ (PAT): ₹78 करोड़ (4% की वृद्धि)
इससे साफ है कि कंपनी का कारोबार और मुनाफा दोनों धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं।
निवेशकों के लिए मुख्य आकर्षण (Key Strengths)
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मजबूत ऑर्डर बुक – ₹2,442 करोड़ का ऑर्डर बैकलॉग कंपनी को भविष्य में स्थिर राजस्व देगा।
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विविध प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो – पावर, वाटर, रेलवे और सोलर सेक्टर में संतुलित उपस्थिति।
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अनुभवी मैनेजमेंट – 15+ साल का EPC सेक्टर का अनुभव।
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इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का विकास – सरकार का बड़ा निवेश इस उद्योग को और मजबूत कर रहा है।
निवेश से जुड़े संभावित जोखिम (Risks)
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कम मुनाफे की वृद्धि – राजस्व बढ़ा है लेकिन शुद्ध लाभ की वृद्धि केवल 4% रही।
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प्रोजेक्ट डिले का जोखिम – EPC कंपनियों में प्रोजेक्ट की देरी और लागत बढ़ने का खतरा हमेशा रहता है।
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उच्च प्रतिस्पर्धा – इस सेक्टर में कई बड़ी कंपनियां पहले से सक्रिय हैं।
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वर्किंग कैपिटल पर निर्भरता – बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए लगातार पूंजी की जरूरत पड़ती है।
किसे निवेश करना चाहिए?
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शॉर्ट-टर्म निवेशक (लिस्टिंग गेन चाहने वाले): GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) से संकेत मिलता है कि लिस्टिंग पर हल्का मुनाफा हो सकता है।
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लॉन्ग-टर्म निवेशक: इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की वृद्धि को देखते हुए यह स्टॉक पोर्टफोलियो में शामिल किया जा सकता है, लेकिन कंपनी की मुनाफाखोरी पर नजर रखना जरूरी है।
निष्कर्ष
Vikran Engineering IPO 2025 इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश का एक अच्छा मौका माना जा सकता है। कंपनी का ऑर्डर बुक मजबूत है और इसका बिज़नेस मॉडल विविध सेक्टर्स में फैला हुआ है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी की धीमी मुनाफे की ग्रोथ और EPC सेक्टर के जोखिमों को ध्यान में रखना चाहिए।
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