रविवार, 1 फ़रवरी 2026

Budget 2026 LIVE: मोबाइल सस्ता, सिगरेट महंगी – पूरी लिस्ट यहां


Budget 2026 LIVE: मोबाइल सस्ता, सिगरेट महंगी – पूरी लिस्ट यहां

Union Budget 2026: आम आदमी के लिए क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?

union budget 2026


केंद्रीय बजट 2026 को सरकार ने “विकसित भारत 2047” के विज़न के साथ पेश किया है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी और रोजगार पर खास फोकस देखने को मिला। लेकिन आम आदमी के लिए सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि इस बजट के बाद रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी या महंगी?

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि Union Budget 2026 में क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा


बजट 2026 में क्या सस्ता हुआ?

1️⃣ मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स

बजट 2026 में सरकार ने मोबाइल फोन, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी में राहत दी है।
इससे:

  • मोबाइल फोन

  • स्मार्ट टीवी

  • लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट

की कीमतों में आने वाले समय में कटौती देखने को मिल सकती है। यह फैसला खासकर युवाओं और स्टूडेंट्स के लिए फायदेमंद है।


2️⃣ इलेक्ट्रिक वाहन (EV)

सरकार ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लगातार बढ़ावा दे रही है।
बजट 2026 में:

  • EV बैटरी

  • लिथियम-आयन सेल

  • इलेक्ट्रिक वाहन के पार्ट्स

पर टैक्स में राहत दी गई है।
👉 इसका सीधा असर यह होगा कि इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारें सस्ती हो सकती हैं और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी।


3️⃣ दवाइयां और हेल्थकेयर

कैंसर, रेयर डिजीज और गंभीर बीमारियों की कुछ दवाओं पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाई गई है
इससे:

  • इलाज की लागत कम होगी

  • मरीजों को सस्ती दवाइयां मिलेंगी

हेल्थ सेक्टर के लिहाज से यह बजट का बड़ा पॉजिटिव पॉइंट है।


4️⃣ रिन्यूएबल एनर्जी और सोलर प्रोडक्ट्स

सोलर पैनल, ग्रीन हाइड्रोजन और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े उपकरणों को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में छूट दी गई है।
इससे:

  • सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट

  • ग्रीन पावर सॉल्यूशन

की लागत कम होगी, जो लंबे समय में बिजली के बिल पर भी असर डाल सकता है।


बजट 2026 में क्या महंगा हुआ?

1️⃣ सिगरेट और तंबाकू

हर साल की तरह इस बार भी सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई है
👉 नतीजा:

  • सिगरेट

  • गुटखा

  • तंबाकू

और महंगे हो गए हैं।
सरकार का मकसद स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक करना है।


2️⃣ लग्जरी कारें और हाई-एंड प्रोडक्ट्स

बजट 2026 में:

  • लग्जरी कार

  • हाई-एंड आयातित सामान

  • ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले उत्पाद

पर अतिरिक्त टैक्स और ग्रीन सेस लगाया गया है।
इससे अमीर वर्ग की लग्जरी खरीदारी और महंगी हो सकती है।


3️⃣ शेयर बाजार में ट्रेडिंग कॉस्ट

कुछ मामलों में:

  • STT

  • कंप्लायंस से जुड़े चार्ज

में बढ़ोतरी देखी गई है।
👉 इसका असर एक्टिव ट्रेडर्स और शॉर्ट-टर्म निवेशकों पर पड़ सकता है, हालांकि लॉन्ग-टर्म निवेशकों पर इसका असर सीमित रहेगा।


4️⃣ इंपोर्टेड ज्वेलरी और लग्जरी आइटम्स

सोने-चांदी की कुछ इंपोर्टेड ज्वेलरी और लग्जरी आइटम्स पर कस्टम ड्यूटी का असर पड़ा है।
इससे:

  • इंपोर्टेड ज्वेलरी

  • महंगे ब्रांडेड प्रोडक्ट्स

की कीमतें बढ़ सकती हैं।


आम आदमी के लिए बजट 2026 का मतलब

अगर कुल मिलाकर देखा जाए तो Union Budget 2026 आम आदमी के लिए मिला-जुला बजट है।
जहां:

  • जरूरी चीजें

  • हेल्थ

  • टेक्नोलॉजी

  • ग्रीन एनर्जी

को सस्ता और सुलभ बनाने की कोशिश की गई है, वहीं:

  • लग्जरी

  • नशे से जुड़े उत्पाद

  • प्रदूषण फैलाने वाली चीजों

को महंगा किया गया है।


निष्कर्ष

Union Budget 2026 साफ संदेश देता है कि सरकार ग्रीन, हेल्दी और मैन्युफैक्चरिंग-फोकस्ड इकॉनमी की ओर बढ़ रही है।
आम आदमी के लिए यह बजट लंबी अवधि में फायदेमंद साबित हो सकता है, खासकर रोजगार, टेक्नोलॉजी और हेल्थ के क्षेत्र में।



सोमवार, 29 दिसंबर 2025

PNB शेयर क्यों गिरा? ₹2,434 करोड़ फ्रॉड की पूरी कहानी, आगे क्या होगा

 

PNB News Update: ₹2,434 करोड़ का लोन फ्रॉड, शेयर पर दबाव, जानें निवेशकों के लिए क्या मायने

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) एक बार फिर सुर्खियों में है। देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक ने हाल ही में ₹2,434 करोड़ के लोन फ्रॉड की जानकारी भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को दी है। इस खबर के बाद PNB के शेयरों में हल्का दबाव देखने को मिला और बैंकिंग सेक्टर के निवेशकों की चिंता बढ़ गई।

pnb


क्या है पूरा मामला?

PNB ने बताया कि यह फ्रॉड SREI Equipment Finance Ltd और SREI Infrastructure Finance Ltd के पूर्व प्रमोटर्स से जुड़ा हुआ है। बैंक के अनुसार, यह मामला पहले से ही NPA (Non-Performing Asset) के रूप में वर्गीकृत था और अब इसे औपचारिक रूप से फ्रॉड के तौर पर रिपोर्ट किया गया है।

सबसे अहम बात यह है कि PNB ने इस पूरे अमाउंट पर 100% प्रोविजनिंग पहले ही कर ली है। यानी, बैंक ने संभावित नुकसान को अपने खातों में पहले से शामिल कर लिया है, जिससे भविष्य में वित्तीय झटका सीमित रह सकता है।

PNB शेयर पर क्या असर पड़ा?

इस खबर के सामने आने के बाद PNB के शेयरों में 2–3% तक की गिरावट देखने को मिली। इंट्रा-डे ट्रेडिंग में शेयर ₹116–₹120 के दायरे में कारोबार करता दिखा। हालांकि, दिन के अंत तक कुछ रिकवरी भी देखने को मिली, क्योंकि निवेशकों को यह भरोसा रहा कि नुकसान पहले ही बुक किया जा चुका है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रॉड की खबर नकारात्मक जरूर है, लेकिन चूंकि बैंक ने पहले ही प्रोविजन बना लिया है, इसलिए इसका लंबी अवधि के नतीजों पर सीमित असर पड़ेगा।

बैंकिंग सेक्टर पर क्या संकेत?

यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि PSU बैंक अभी भी पुराने कॉर्पोरेट लोन इश्यूज़ से पूरी तरह बाहर नहीं आए हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में सरकारी बैंकों ने अपने बैलेंस शीट को मजबूत किया है, NPA घटाए हैं और रिकवरी प्रोसेस को बेहतर बनाया है।

PNB भी इस बदलाव का हिस्सा रहा है। बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार, कैपिटल एडिक्वेसी बेहतर होना और डिजिटल बैंकिंग पर फोकस इसे लंबी अवधि में मजबूत बनाते हैं।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

अगर आप PNB के निवेशक हैं या निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इन बिंदुओं पर ध्यान देना जरूरी है:

  • ✅ फ्रॉड अमाउंट पर 100% प्रोविजनिंग पहले से की जा चुकी है

  • ✅ तत्काल वित्तीय झटका सीमित रहने की संभावना

  • ⚠️ शॉर्ट टर्म में शेयर में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है

  • ⚠️ PSU बैंकों में खबरों के आधार पर तेज मूवमेंट आम बात है

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे केवल इस एक खबर के आधार पर निर्णय न लें, बल्कि बैंक के तिमाही नतीजे, NPA ट्रेंड, क्रेडिट ग्रोथ और सरकारी नीतियों पर भी नजर रखें।

ब्रोकरेज और बाजार की राय

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि PNB जैसे बड़े सरकारी बैंक पर इस खबर का सेंटिमेंटल असर ज्यादा है, फंडामेंटल असर कम। यदि आने वाली तिमाहियों में बैंक का मुनाफा और एसेट क्वालिटी स्थिर रहती है, तो शेयर में रिकवरी संभव है।

हालांकि, शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है क्योंकि बैंकिंग शेयरों में इस समय उतार-चढ़ाव ज्यादा है।

निष्कर्ष (Conclusion)

PNB द्वारा रिपोर्ट किया गया ₹2,434 करोड़ का लोन फ्रॉड निवेशकों के लिए एक चेतावनी संकेत जरूर है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। बैंक पहले ही इस नुकसान को अपने खातों में शामिल कर चुका है, जिससे बैलेंस शीट पर सीधा बड़ा असर नहीं पड़ता।

आने वाले दिनों में बाजार की नजर PNB के फाइनेंशियल रिजल्ट्स और मैनेजमेंट कमेंट्री पर रहेगी। निवेशकों के लिए सही रणनीति यही होगी कि वे लॉन्ग-टर्म दृष्टिकोण रखें और जल्दबाजी में फैसले न लें।

Budget 2026 LIVE: मोबाइल सस्ता, सिगरेट महंगी – पूरी लिस्ट यहां

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