ममता मशीनरी लिमिटेड, एक अग्रणी पैकेजिंग मशीनरी निर्माता, अपने प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (IPO) के माध्यम से पूंजी बाजार में प्रवेश करने जा रही है। यह IPO 19 दिसंबर 2024 से 23 दिसंबर 2024 तक खुला रहेगा, जिसमें कंपनी ₹179.39 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखती है।
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| 111 रुपए प्रति शेयर लिस्टिंग गेन का अनुमान |
कंपनी का परिचय
ममता मशीनरी लिमिटेड की स्थापना 1979 में हुई थी, और यह प्लास्टिक बैग, पाउच, पैकेजिंग और एक्सट्रूज़न उपकरण बनाने वाली मशीनों के निर्माण और निर्यात में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी FMCG, खाद्य और पेय उद्योगों को नवीन निर्माण समाधान प्रदान करती है, और इसका वैश्विक स्तर पर 75 से अधिक देशों में उपस्थिति है।
IPO विवरण
- इश्यू का आकार: ₹179.39 करोड़
- शेयरों की संख्या: 74 लाख इक्विटी शेयर
- प्राइस बैंड: ₹230 से ₹243 प्रति शेयर
- लॉट साइज: 61 शेयर
- न्यूनतम निवेश: ₹14,823 (61 शेयर × ₹243)
- इश्यू ओपनिंग तिथि: 19 दिसंबर 2024
- इश्यू क्लोजिंग तिथि: 23 दिसंबर 2024
- लिस्टिंग प्लेटफॉर्म: BSE और NSE
IPO का उद्देश्य
यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित है, जिसमें प्रमोटर और मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे। इसलिए, इस इश्यू से कंपनी को कोई सीधा वित्तीय लाभ नहीं होगा।
अनुमानित लिस्टिंग गेन
Investorgain.com के मुताबिक ममता मशीनरी आईपीओ का जीएमपी 107% पर ट्रेंड कर रहा है इस हिसाब से प्रति शेयर 260 रूपए लिस्टिंग गेन का अनुमान है
वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में स्थिर वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2021-22 में, कंपनी का कुल राजस्व ₹500 करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2022-23 में बढ़कर ₹600 करोड़ हो गया। इसी अवधि में, शुद्ध लाभ ₹50 करोड़ से बढ़कर ₹60 करोड़ हो गया, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
भारतीय पैकेजिंग मशीनरी उद्योग में कई प्रमुख खिलाड़ी सक्रिय हैं, जिनमें ममता मशीनरी ने अपनी गुणवत्ता, समय पर डिलीवरी, और नवीन तकनीकों के उपयोग के माध्यम से अपने लिए एक विशेष स्थान बनाया है। कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में बालाजी वेफर्स, चिटल फूड, सनराइज पैकेजिंग और प्लास्टिक इंडस्ट्रीज एलएलसी शामिल हैं।
जोखिम कारक
IPO में निवेश करने से पहले, निवेशकों को निम्नलिखित जोखिम कारकों पर विचार करना चाहिए:
- उद्योग जोखिम: पैकेजिंग मशीनरी उद्योग में तेजी से तकनीकी परिवर्तन होते हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ती है।
- वित्तीय जोखिम: कंपनी का विस्तार और नई परियोजनाओं में निवेश वित्तीय दबाव बढ़ा सकता है।
- नियामक जोखिम: सरकारी नीतियों में बदलाव कंपनी के संचालन को प्रभावित कर सकते हैं।
निवेशकों के लिए सुझाव
ममता मशीनरी का IPO उन निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है, जो उभरते हुए पैकेजिंग मशीनरी उद्योग में निवेश करना चाहते हैं। हालांकि, निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, उद्योग की प्रवृत्तियों, और उपरोक्त जोखिम कारकों का गहन विश्लेषण आवश्यक है
Disclaimer : उपरोक्त जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर ले हम किसी भी प्रकार के निवेश की सलाह यहां नहीं देते हैं

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