गुरुवार, 3 अप्रैल 2025

ट्रंप टैरिफ के बावजूद मिला-जुला रहा आज का सत्र, निफ़्टी आईटी में सबसे अधिक 1500 अंक की गिरावट।

 SHARE MARKET LIVE: ट्रंप टैरिफ के बावजूद भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का सत्र मिला जुला रहा। सबसे अधिक निफ़्टी आईटी में 4.2% की जोरदार गिरावट देखने को मिली। निफ़्टी ऑटो में भी गिरावट देखने को मिली। फार्मा सेक्टर में टैरिफ में छूट के चलते तेजी देखने को मिली। सोने व चांदी के भाव में रिकॉर्ड तेजी जी देखने को मिल रही है। आईए विस्तार से जानते हैं आज के मार्केट का हाल ।

STOCK MARKET



STOCK MARKET NEWS: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों के साथ इंडिया पर भी 27 प्रतिशत अतिरिक्त   रिसिप्रोकल टैरिफ लगाने के बाद भी भारतीय शेयर बाजार में ज्यादा पैनिक की स्तिथि नहीं बनी। शेयर बाजार में आज के सत्र में मिला-जुला कामकाज रहा। एक्सपर्ट की माने तो यह टैरिफ लगाना डोनाल्ड ट्रंप अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा साबित होगा। अमेरिका में मंदी आने की संभावना काफी हद तक बढ़ गई है। इसीलिए आईटी सेक्टर पर टैरिफ ना लगने के जोरदार गिरावट देखने को मिली।

निफ़्टी 82 अंक की गिरावट के साथ 23,250 अंक पर बंद हुआ। तथा सेंसेक्स 322 अंक की गिरावट के साथ 76,295 अंक पर बंद हुआ। निफ़्टी बैंक में 250 अंक की तेजी देखने को मिलीं जिससे इंडेक्स 51,600 अंक पर बंद हुआ। निफ़्टी आईटी मैं जोरदार गिरावट देखने को मिलीं जो 4.2% की गिरावट के साथ 1526 अंकफिसल कर 34,757 अंक पर बंद हुआ। स्मॉल कैप इंडेक्स में 350 अंक की तेजी देखने को मिली। जिससे इंडेक्स 47,494 अंक पर बंद हुआ। मिडकैप इंडेक्स में 128 अंक की तेजी देखने को मिली जिससे इंडेक्स 41,796 अंक पर बंद हुआ।

निफ़्टी ऑटो एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 244 अंक फिसल कर 21,164 अंक पर बंद हुआ। कैपिटल गुड्स में 227 अंक की तेजी देखने को मिली जिससे इंडेक्स 62,121 अंक पर बंद हुआ। कंज्यूमर ड्युरेबल्स में 264 अंक की तेजी देखने को मिली जिससे इंडेक्स 54,669 अंक पर बंद हुआ। एफएमसीजी सेक्टर में 45 अंक की तेजी देखने को मिली जिससे इंडेक्स 19564 अंक पर बंद हुआ। फार्मा सेक्टर में 1.8 2% की जोरदार तेजी देखने को मिली जिससे इंडेक्स 748 अंक की तेजी के साथ 41,870 अंक पर बंद हुआ। मेटल सेक्टर में लगभग 1% की गिरावट देखने को मिली जिससे इंडेक्स 302 अंक की गिरावट के साथ 30,375 अंक पर बंद हुआ।

सोने व चांदी का भाव 

सोने व चांदी के भाव में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। लखनऊ में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 93,755 रुपए प्रति 10 ग्राम रही। तथा 22 कैरेट सोने की कीमत 86,100 रूपए प्रति 10 ग्राम रही। चांदी की बात की जाए तो लखनऊ में चांदी की कीमत 10300 प्रति 100 ग्राम रही। अलग-अलग शहरों मे सोने व चांदी के भाव में अंतर हो सकता है। 

लार्ज कैप में बढ़ने वाले पांच प्रमुख शेयर 

  1. पावर ग्रिड कारपोरेशन 4.3% तेजी के साथ पहले स्थान पर रहा जो 12.3 रुपए बढ़कर₹299 पर बंद हुआ। 
  2. केनरा बैंक 3.46% तेजी के साथ दूसरे स्थान पर रहा जो 3.15 बढ़कर 94.25 रुपए पर बंद हुआ।
  3. सन फार्मास्यूटिकल 3.3% तेजी के साथ तीसरे स्थान पर रहा जो ₹56 बढ़कर 1,770 रुपए पर बंद हुआ।
  4. अल्ट्राटेक सीमेंट 3.16% तेजी के साथ चौथे स्थान पर रहा जो 355 रुपए बढ़कर 11,606 रुपए पर बंद हुआ।
  5. सिप्ला लगभग तीन प्रतिशत तेजी के साथ पांचवें स्थान पर रहा जो 43 रुपए बढ़कर 1,495 पर बंद हुआ।
लार्ज कैप में गिरने वाले पांच प्रमुख शेयर 
  1. डाबर इंडिया लार्ज कैप में गिरने वाले शेयरों में पहले स्थान  पर रहा जो 6% से अधिक की गिरावट के साथ ₹30 फिसलकर 465 पर बंद हुआ। 
  2. टीसीएस लगभग 4% गिरावट के साथ दूसरे स्थान पर रहा जो 140 रुपए फिसल कर 3,403 रुपए पर बंद हुआ।
  3. वेदांत लगभग चार प्रतिशत गिरावट के साथ तीसरे स्थान पर रहा जो 18 रुपए फिसल कर 439 पर बंद हुआ। 
  4. एचसीएल टेक्नोलॉजी 3.7% गिरावट के साथ चौथे स्थान पर रहा जो ₹57 की गिरावट के साथ 1470 रुपए पर बंद हुआ। 
  5. टेक महिंद्रा 3.7% गिरावट के साथ पांचवें स्थान पर रहा जो लगभग 53 रुपए फिसल कर 1370 रुपए पर बंद हुआ।

Disclaimer : उपरोक्त जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर ले हम किसी भी प्रकार के निवेश की सलाह यहां नहीं देते हैं

Dabur की ग्रोथ स्लो, शेयरों में गिरावट !जाने विशेषज्ञों की राय।

 डाबर इंडिया के शेयर 7% गिरे, 52 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंचे – कंपनी के सुस्त आउटलुक से निवेशकों को झटका

डाबर इंडिया के शेयर गुरुवार को 7.25% गिरकर ₹459.65 पर पहुंच गए, जो इसका 52-सप्ताह का न्यूनतम स्तर है। इस गिरावट के साथ कंपनी का बाजार पूंजीकरण मुश्किल से ₹80,000 करोड़ के स्तर पर बना रहा।



डाबर के कमजोर प्रदर्शन से निवेशकों में चिंता

गुरुवार के कारोबारी सत्र में डाबर इंडिया के शेयर 7% से अधिक लुढ़क गए। इसका मुख्य कारण कंपनी द्वारा जनवरी-मार्च 2025 तिमाही के लिए जारी किया गया कमजोर आउटलुक और सुस्त कारोबारी दृष्टिकोण था।

कंपनी ने अपने तिमाही अपडेट में बताया कि सामान्य व्यापार (General Trade) दबाव में रहा, जबकि आधुनिक व्यापार (Modern Trade), ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स ने अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, एफएमसीजी (FMCG) सेगमेंट की वॉल्यूम ग्रोथ धीमी रही, जिससे तिमाही के लिए राजस्व वृद्धि सपाट रहने की संभावना है।

कमजोर मांग से हुआ नुकसान

डाबर इंडिया के अनुसार,

  • देरी से आई और छोटी सर्दियों तथा शहरी बाजारों में सुस्ती के कारण भारतीय एफएमसीजी कारोबार में मिड-सिंगल डिजिट (5-6%) की गिरावट आ सकती है।

  • महंगाई और ऑपरेटिंग कॉस्ट में वृद्धि के चलते ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में 150-175 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट देखने को मिल सकती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार से राहत

हालांकि, डाबर के लिए मिडिल ईस्ट (MENA), मिस्र और बांग्लादेश जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय कारोबार डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज कर सकता है।

शेयरों में भारी गिरावट

कंपनी के इस ऐलान के बाद डाबर इंडिया के शेयर 7.25% गिरकर ₹459.65 पर आ गए, जो 52 सप्ताह का न्यूनतम स्तर है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण ₹80,000 करोड़ के करीब रह गया।

  • बुधवार को स्टॉक ₹495.50 पर बंद हुआ था।

  • सितंबर 2023 में स्टॉक ₹672 के 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर पर था, यानी तब से यह लगभग 32% गिर चुका है

ब्रोकरेज फर्मों का नजरिया

InCred Equities:

  • डाबर इंडिया की घरेलू बिक्री में 5% की गिरावट की उम्मीद है।

  • अंतरराष्ट्रीय कारोबार 9% की ग्रोथ दिखा सकता है।

  • स्टॉक पर 'Add' रेटिंग दी है और ₹590 का टारगेट प्राइस रखा है।

IIFL Capital:

  • कमोडिटी महंगाई के कारण एफएमसीजी कंपनियों का ग्रॉस मार्जिन प्रभावित होगा

  • डाबर का प्रदर्शन कमजोर रहने की संभावना है।

  • कंपनी की राजस्व वृद्धि 3% YoY रहने की उम्मीद है।

  • EBITDA (कमाई) ₹480.7 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹351.3 करोड़ रहने का अनुमान।

  • फिर भी स्टॉक पर 'BUY' रेटिंग और ₹585 का टारगेट प्राइस रखा गया है।

Motilal Oswal:

  • डाबर की 'Hommade' और 'Badshah' ब्रांड्स की कुकिंग प्रोडक्ट्स कैटेगरी अच्छा प्रदर्शन कर रही है और डबल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है।

  • भारतीय कारोबार में मिड-सिंगल डिजिट गिरावट देखी जा सकती है।

  • अंतरराष्ट्रीय कारोबार में डबल-डिजिट ग्रोथ रहने की संभावना है।

  • महंगाई और ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने से मार्जिन 150-175 बेसिस पॉइंट्स घट सकते हैं।

  • फिर भी, डाबर पर 'BUY' रेटिंग बनाए रखी है।

निष्कर्ष

डाबर इंडिया को घरेलू बाजार में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मजबूती बनी हुई है। ब्रोकरेज फर्में अभी भी स्टॉक पर सकारात्मक बनी हुई हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में यह दबाव में रह सकता है।



Disclaimer : उपरोक्त जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर ले हम किसी भी प्रकार के निवेश की सलाह यहां नहीं देते हैं

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