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बुधवार, 13 अगस्त 2025

Samvardhana Motherson Q1 परिणाम 2025-26: मुनाफे में 13% की बढ़त, राजस्व में 7% का उछाल|

 

Samvardhana Motherson Q1 परिणाम 2025-26: मुनाफे में 13% की बढ़त, राजस्व में 7% का उछाल

भारत की प्रमुख ऑटो कंपोनेंट निर्माता कंपनी संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड (Motherson) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है, खासकर मुनाफे के मामले में, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। हालांकि, शेयर प्राइस में गिरावट यह दर्शाती है कि मार्केट में अब भी सतर्कता बनी हुई है।

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मुख्य वित्तीय आंकड़े (अप्रैल-जून 2025 तिमाही)

  • राजस्व (Revenue): ₹29,367.70 करोड़ — पिछले साल की समान तिमाही से 7% की बढ़त

  • शुद्ध मुनाफा (Net Profit): ₹1,115.40 करोड़ — सालाना आधार पर 13.32% की बढ़त

  • EBITDA: ₹2,693.70 करोड़ — 9.24% की वृद्धि

  • EBITDA मार्जिन: 9.10% — हल्की गिरावट के साथ

इन नतीजों से साफ है कि कंपनी ने लागत दबाव के बावजूद मुनाफे में बेहतरीन ग्रोथ दिखाई है।


अनुमानों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन

कई ब्रोकरेज और मार्केट एक्सपर्ट्स ने Q1 में कंपनी से सीमित ग्रोथ की उम्मीद जताई थी।

  • अनुमानित राजस्व: ₹30,591 करोड़

  • अनुमानित मुनाफा: ₹985 करोड़

  • अनुमानित EBITDA मार्जिन: 9.1%

असल नतीजों में मुनाफा अनुमानों से काफी बेहतर रहा, जबकि राजस्व थोड़ा कम आया।


राजस्व में बढ़त के कारण

  1. ग्लोबल ऑटोमोबाइल डिमांड – यूरोप और अमेरिका में ऑटो पार्ट्स की मांग में सुधार

  2. नए ऑर्डर्स और प्रोजेक्ट्स – कंपनी ने कई नई प्रोजेक्ट्स की सप्लाई शुरू की

  3. अधिग्रहण (Acquisitions) – हाल ही में किए गए अधिग्रहणों का योगदान


मुनाफे में उछाल के पीछे कारण

  • ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार

  • कॉस्ट कंट्रोल और प्रोडक्शन प्लानिंग

  • हाई मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बढ़ना


EBITDA मार्जिन में हल्की गिरावट क्यों?

हालांकि EBITDA में 9% से अधिक की बढ़त हुई, लेकिन मार्जिन में मामूली गिरावट आई है। इसके कारण:

  • कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव

  • विदेशी मुद्रा (Forex) का असर

  • कुछ बाजारों में परिवहन लागत में बढ़ोतरी


शेयर मार्केट की प्रतिक्रिया

बेहतर नतीजों के बावजूद, कंपनी के शेयर प्राइस में गिरावट देखी गई और यह ₹90.60 पर बंद हुआ। यह अपने 52-हफ्तों के उच्चतम स्तर से लगभग 38% नीचे है। इसका कारण है:

  • निवेशकों की लंबी अवधि की डिमांड को लेकर चिंता

  • ग्लोबल ऑटो सेक्टर में मंदी के डर

  • अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में व्यापारिक अनिश्चितता


ग्लोबल फैक्टर्स का असर

कंपनी का बड़ा हिस्सा यूरोप और नॉर्थ अमेरिका से आता है। हाल ही में अमेरिका में ट्रम्प टैरिफ्स और यूरोपीय बाजार में धीमी ऑटो डिमांड के कारण थोड़ी सावधानी बरतनी पड़ रही है। फिर भी, कंपनी नए कॉन्ट्रैक्ट्स और प्रोजेक्ट्स के जरिए इस दबाव को संतुलित कर रही है।


कंपनी की भविष्य की रणनीति

  1. नए अधिग्रहणों से विस्तार – कंपनी हाल ही में Atsumitec जैसे अधिग्रहणों से अपने पोर्टफोलियो को मजबूत कर रही है।

  2. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) कंपोनेंट्स पर फोकस – बढ़ते EV बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना।

  3. ग्लोबल डाइवर्सिफिकेशन – किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम करने के लिए विभिन्न देशों में उत्पादन और सप्लाई नेटवर्क का विस्तार।


निवेशकों के लिए निष्कर्ष

  • पॉज़िटिव पॉइंट्स:

    • मुनाफा अनुमानों से बेहतर

    • EBITDA में स्थिर ग्रोथ

    • नए बाजारों में अवसर

  • चैलेंजेस:

    • मार्जिन पर लागत दबाव

    • शेयर प्राइस में गिरावट

    • ग्लोबल ऑटो सेक्टर में अनिश्चितता

निवेश सलाह:
अगर आप लंबे समय के निवेशक हैं, तो वर्तमान गिरावट एक अच्छा एंट्री पॉइंट हो सकता है, बशर्ते आप ग्लोबल मार्केट रिस्क को ध्यान में रखें। शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है।


डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

शुक्रवार, 8 अगस्त 2025

SBI Q1 FY26 रिजल्ट: ₹19,160 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा, जानिए क्या है निवेशकों के लिए संकेत|

 


SBI Q1 FY26 रिजल्ट: ₹19,160 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा, जानिए क्या है निवेशकों के लिए संकेत


भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक SBI (State Bank of India) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) के नतीजे 8 अगस्त 2025 को जारी कर दिए हैं। नतीजों में बैंक ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹19,160 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो साल दर साल (YoY) आधार पर 12% की बढ़ोतरी है।

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इस ब्लॉग में हम SBI के तिमाही परिणामों का विश्लेषण करेंगे, साथ ही यह जानेंगे कि ये आंकड़े बैंकिंग सेक्टर और निवेशकों के लिए क्या संदेश देते हैं।


🔎 SBI Q1 FY26 रिजल्ट की मुख्य बातें

संकेतकQ1 FY26 आंकड़ेYoY वृद्धि
शुद्ध लाभ (PAT)₹19,160 करोड़↑ 12%


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📈 रिकॉर्ड शुद्ध लाभ: ₹19,160 करोड़

SBI ने Q1 FY26 में ₹19,160 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹17,035 करोड़ की तुलना में 12% अधिक है। यह लाभ विश्लेषकों की उम्मीदों को पीछे छोड़ता है, जो औसतन ₹17,095 करोड़ के मुनाफे का अनुमान लगा रहे थे।

यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि SBI ने चुनौतियों के बावजूद अपने कोर बैंकिंग संचालन को मजबूती से संचालित किया है।


💼 किन कारणों से SBI ने बेहतर प्रदर्शन किया?

  1. बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी
    बैंक ने अपने परिचालन खर्चों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया, जिससे मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ा।

  2. एनपीए में सुधार की उम्मीद
    ग्रॉस और नेट एनपीए के आंकड़े अब तक सामने नहीं आए हैं, लेकिन बीते तिमाही रुझानों के अनुसार इसमें और गिरावट की संभावना जताई जा रही है।

  3. डिजिटल बैंकिंग और रिटेल लोन में वृद्धि
    SBI ने डिजिटल लोन और YONO ऐप के माध्यम से ग्राहकों तक आसान बैंकिंग सुविधा पहुँचाई है, जिससे नए ग्राहक जुड़े और कारोबार बढ़ा।


📊 बैंकिंग सेक्टर में SBI की स्थिति

हाल के महीनों में भारत के बैंकिंग सेक्टर में लोन ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद SBI ने सकारात्मक प्रदर्शन कर यह साबित किया है कि उसका पोर्टफोलियो मजबूत और संतुलित है।

अन्य बैंकों की तुलना में SBI:

  • बेहतर लाभप्रदता बनाए हुए है

  • मजबूत CASA रेश्यो और ब्रांच नेटवर्क का लाभ ले रहा है

  • सरकारी सहयोग और विश्वास का फायदा मिल रहा है


💹 शेयर बाजार में SBI की प्रतिक्रिया

नतीजों के बाद SBI के शेयर में हल्की तेजी देखी गई, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। ब्रोकरेज हाउस भी इस प्रदर्शन को ‘Positive Surprise’ मान रहे हैं।

ब्रोकरेज रेटिंग्स:

  • Motilal Oswal: 'Buy' with target ₹800

  • HDFC Securities: 'Add' rating

  • ICICI Direct: Strong Buy


🧭 आगे की रणनीति और संभावनाएं

SBI आने वाले महीनों में निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर सकता है:

  1. Agri और MSME फाइनेंस: ग्रामीण क्षेत्रों में क्रेडिट विस्तार

  2. डिजिटल सर्विसेज: YONO और मोबाइल बैंकिंग को और उन्नत करना

  3. स्मार्ट ब्रांच मॉडल: लागत नियंत्रण के साथ सेवा विस्तार

  4. इंटरनेशनल बिजनेस: NRI और विदेशी ग्राहकों के लिए सेवाएं


💬 निवेशकों के लिए सलाह

क्या करें निवेशक?

अगर आप SBI में निवेश करने का विचार कर रहे हैं, तो यह तिमाही नतीजे सकारात्मक संकेत हैं। मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ, स्थिर ऑपरेशन और सरकारी समर्थन इसे एक भरोसेमंद दीर्घकालिक निवेश विकल्प बनाते हैं।

जोखिम क्या हैं?

  • ब्याज दरों में संभावित बदलाव

  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता

  • बैंकों पर नियामकीय दबाव


✅ निष्कर्ष

SBI ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह सिर्फ एक सरकारी बैंक नहीं बल्कि भारत की सबसे प्रभावशाली और लाभकारी बैंकिंग संस्था है। ₹19,160 करोड़ का मुनाफा न केवल इसके वित्तीय सामर्थ्य को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि कठिन माहौल में भी यह बैंक विकास कर सकता है।

LIC Q1 FY26 रिजल्ट: मजबूत प्रदर्शन के साथ कंपनी ने फिर जीता भरोसा|

 

LIC Q1 FY26 रिजल्ट: मजबूत प्रदर्शन के साथ कंपनी ने फिर जीता भरोसा

परिचय:
देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी (Life Insurance Corporation of India) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) के नतीजे 7 अगस्त 2025 को जारी कर दिए हैं। इन नतीजों में कंपनी ने कई अहम मोर्चों पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। शुद्ध लाभ, प्रीमियम आय और नए व्यवसाय मूल्य (VNB) में बढ़त ने यह संकेत दिया है कि LIC अभी भी देश के बीमा बाजार में मजबूती से डटा हुआ है।

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इस ब्लॉग में हम LIC के Q1 FY26 नतीजों का विश्लेषण करेंगे, साथ ही जानेंगे कि इन आंकड़ों का शेयर बाजार और निवेशकों पर क्या असर पड़ सकता है।


✅ LIC Q1 FY26 के मुख्य वित्तीय आंकड़े

मेट्रिकआंकड़ेतुलना (YoY)
शुद्ध लाभ (PAT)₹10,986 करोड़↑ 5%
शुद्ध प्रीमियम आय₹1.19 लाख करोड़↑ 5%
नवीन व्यवसाय मूल्य (VNB)₹1,944 करोड़↑ 20.75%
VNB मार्जिन15.4%↑ 150 bps
APE (Annualised Premium Equivalent)₹12,652 करोड़स्थिर वृद्धि
AUM (Assets Under Management)₹57 लाख करोड़↑ 6.5%
सॉल्वेंसी अनुपात2.17↑ (पिछले वर्ष 1.89)

📈 LIC का लाभ बढ़ा, मुनाफा पहुंचा ₹10,986 करोड़

एलआईसी ने अप्रैल–जून 2025 तिमाही में ₹10,986 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही से 5% अधिक है। यह लाभ कंपनी की बेहतर संचालन क्षमता, निवेश आय और पॉलिसी रिन्युअल्स में वृद्धि के कारण संभव हुआ है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह वृद्धि LIC की बुनियादी वित्तीय मजबूती को दर्शाती है, खासकर ऐसे समय में जब बीमा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है।


💰 प्रीमियम आय में लगातार वृद्धि

इस तिमाही में एलआईसी की Net Premium Income ₹1.19 लाख करोड़ रही, जो साल-दर-साल 5% की बढ़त है। इससे यह साफ है कि ग्राहकों का भरोसा LIC पर बना हुआ है।

ग्रुप और इंडिविजुअल बिजनेस दोनों से कंपनी को स्थिर और सुसंगत आय प्राप्त हुई, जिससे वित्तीय स्थिरता बनी रही।


🌱 VNB और APE में मजबूत ग्रोथ

LIC का VNB (Value of New Business) ₹1,944 करोड़ रहा, जो 20.75% की वृद्धि दर्शाता है। VNB वह मुनाफा है जो कंपनी को नए ग्राहकों से मिलता है। इसके साथ VNB मार्जिन 15.4% तक पहुंच गया जो पिछले वर्ष 13.9% था।

APE (Annualized Premium Equivalent) ₹12,652 करोड़ रहा, जो बीमा उद्योग में कंपनी के विकास को दर्शाता है। यह ग्रोथ उत्पाद पोर्टफोलियो में सुधार और डिजिटलीकरण के चलते संभव हुई है।


💹 शेयर बाजार की प्रतिक्रिया

LIC के Q1 नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में तेजी देखी गई। बीएसई पर शेयर ₹927 तक पहुंचा और करीब 4.5% की उछाल दर्ज की गई।

🔍 ब्रोकरेज की राय:

  • Motilal Oswal: ‘Buy’ रेटिंग; लक्ष्य ₹1080

  • Macquarie: ‘Outperform’; लक्ष्य ₹1215

  • Jefferies: सकारात्मक नजरिया, 20% अपसाइड की संभावना

यह स्पष्ट संकेत है कि बाजार LIC की रणनीतियों और प्रदर्शन से संतुष्ट है।


📊 सॉल्वेंसी और AUM: वित्तीय मजबूती की गारंटी

LIC का Solvency Ratio 2.17 रहा, जो IRDAI के न्यूनतम मानक 1.5 से कहीं ऊपर है। यह दिखाता है कि कंपनी के पास दावों के भुगतान की अच्छी क्षमता है।

Assets Under Management (AUM) ₹57 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। यह भारतीय वित्तीय प्रणाली में LIC की व्यापक भूमिका को दर्शाता है।


🔍 क्यों LIC का प्रदर्शन महत्वपूर्ण है?

  • देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी होने के नाते LIC के प्रदर्शन का असर पूरे बीमा सेक्टर पर पड़ता है।

  • कंपनी का पोर्टफोलियो सरकारी बॉन्ड से लेकर शेयर बाजार तक फैला हुआ है, जिससे यह देश की वित्तीय स्थिरता में योगदान करती है।

  • LIC की पॉलिसी और निवेश योजनाएं आम आदमी से लेकर बड़े निवेशकों तक सभी के लिए महत्वपूर्ण हैं।


💡 भविष्य की रणनीति और उम्मीदें

एलआईसी आने वाले समय में निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दे सकती है:

  1. डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन:
    ग्राहक अनुभव बेहतर करने के लिए डिजिटल पोर्टल्स और ऐप्स पर फोकस।

  2. युवाओं को आकर्षित करने वाली योजनाएं:
    विशेषकर टैक्स सेविंग और टर्म प्लान पर जोर।

  3. EV और ग्रीन इन्वेस्टमेंट:
    स्थायी निवेश पोर्टफोलियो के विस्तार की दिशा में प्रयास।


🔚 निष्कर्ष: क्या LIC में निवेश करें?

अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं, तो LIC एक भरोसेमंद विकल्प है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, सॉल्वेंसी में सुधार और लगातार बढ़ती AUM इसे एक स्थिर और लाभकारी निवेश विकल्प बनाते हैं।

✅ निवेशकों के लिए सलाह:

  • लॉन्ग टर्म में ‘Buy’ बनाए रखें

  • नतीजों के बाद की गिरावट में खरीदारी का मौका

  • डिविडेंड पॉलिसी और प्रीमियम ग्रोथ पर नजर रखें

गुरुवार, 7 अगस्त 2025

टाइटन कंपनी का Q1 FY26 धमाका: मुनाफा 52% बढ़ा, जानिए पूरी रिपोर्ट!

 भारत की अग्रणी कंज्यूमर ब्रांड टाइटन कंपनी लिमिटेड (Titan Company Limited) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) के लिए अपने शानदार परिणाम घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने राजस्व और मुनाफे दोनों ही मोर्चों पर जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है, खासकर अपने ज्वेलरी और वॉच सेगमेंट में।

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इस ब्लॉग में हम टाइटन के Q1 परिणामों की पूरी जानकारी देंगे – मुनाफा, बिक्री, सेगमेंट-वाईज़ परफॉर्मेंस, कारण और आगे की संभावनाएं।


🔷 टाइटन कंपनी Q1 FY26 के प्रमुख आँकड़े:

मैट्रिकQ1 FY26बदलाव (YoY)
कुल राजस्व₹16,523 करोड़↑ 24.6%
शुद्ध लाभ₹1,091 करोड़↑ 52.5%
EBITDA₹1,830 करोड़↑ 47%
ज्वेलरी राजस्व₹12,797 करोड़↑ 19%
वॉचेज राजस्व₹1,273 करोड़↑ 24%

📈 मुनाफे में ज़बरदस्त उछाल

टाइटन कंपनी का शुद्ध लाभ Q1 FY26 में ₹1,091 करोड़ रहा, जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में ₹715 करोड़ था। यानी कंपनी ने 52.5% की वृद्धि दर्ज की है। यह उम्मीदों से कहीं बेहतर प्रदर्शन है और निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।


💎 ज्वेलरी बिजनेस बना टाइटन की रीढ़

टाइटन की सबसे बड़ी कमाई का स्रोत उसका ज्वेलरी सेगमेंट रहा है। इसमें कंपनी को ₹12,797 करोड़ की कमाई हुई, जो कि साल-दर-साल 19% की वृद्धि है।

  • ब्रांड्स जैसे Tanishq, Mia, Zoya, और CaratLane ने शानदार प्रदर्शन किया।

  • खासकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ज्वेलरी की बिक्री में 49% की जबरदस्त वृद्धि हुई।

  • ज्वेलरी डिवीजन का EBIT मार्जिन भी 11% रहा जो इस सेगमेंट की मजबूती को दर्शाता है।


⌚ वॉचेज और वियरेबल्स में नई ऊर्जा

टाइटन का वॉचेज और वियरेबल्स डिवीजन भी पीछे नहीं रहा:

  • कुल बिक्री ₹1,273 करोड़ तक पहुंची (24% की ग्रोथ)।

  • एनालॉग वॉचेज में 28% की वृद्धि।

  • ब्रांड्स जैसे Titan, Fastrack और Sonata ने बेहतर प्रदर्शन किया।

  • नया स्टोर नेटवर्क और डिजिटलीकरण ने इस ग्रोथ को समर्थन दिया।


📊 मार्जिन में भी सुधार

कंपनी का EBITDA ₹1,830 करोड़ रहा, जो कि सालाना आधार पर 47% की बढ़त है। EBITDA मार्जिन 9.4% से बढ़कर 11.1% हो गया है, जो टाइटन की कुशलता और लागत नियंत्रण की नीति को दर्शाता है।


🪙 सोने की बढ़ती कीमतों का लाभ

2025 की पहली तिमाही में सोने की कीमतों में लगभग 5.5% की वृद्धि हुई। इससे ग्राहकों ने ज्वेलरी में निवेश को प्राथमिकता दी, जिससे टाइटन के ज्वेलरी बिजनेस को सीधा लाभ हुआ।


🌐 अंतरराष्ट्रीय विस्तार में सफलता

टाइटन ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। Q1 FY26 में विदेशों से ज्वेलरी की बिक्री 49% बढ़कर ₹554 करोड़ पर पहुंच गई। यह कंपनी की अंतरराष्ट्रीय विस्तार रणनीति की सफलता को दर्शाता है।


🛍️ स्टोर्स और रिटेल नेटवर्क

  • टाइटन ने कई नए स्टोर्स खोले हैं, खासकर छोटे शहरों और टियर-2/3 लोकेशंस में।

  • डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी बिक्री बढ़ी है।

  • ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों चैनलों का स्मार्ट उपयोग हुआ।


📉 शेयर बाजार पर असर

Q1 रिजल्ट्स के बाद टाइटन के शेयरों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। मुनाफे और रेवेन्यू के शानदार आंकड़े शेयरधारकों के लिए उत्साहजनक साबित हो सकते हैं।


🔮 आगे की संभावनाएं

टाइटन ने दिखा दिया है कि वह न सिर्फ पारंपरिक ज्वेलरी मार्केट में बल्कि वियरेबल्स, इंटरनेशनल बिज़नेस और डिजिटल स्पेस में भी मजबूती से बढ़ रही है।

भविष्य की संभावनाएं:

  • त्योहारी सीज़न में बिक्री में और उछाल।

  • सोने की कीमतें स्थिर रहीं तो मांग और बढ़ेगी।

  • डिजिटल और अंतरराष्ट्रीय विस्तार से नई ऊंचाइयां छूने की संभावना।


✅ निष्कर्ष

टाइटन का Q1 FY26 प्रदर्शन हर पहलू से सराहनीय है – मुनाफा, रेवेन्यू, मार्जिन और ग्रोथ। खासकर ज्वेलरी और वॉचेज सेगमेंट ने कंपनी को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया है।

यदि आप एक निवेशक हैं, तो टाइटन का यह प्रदर्शन भरोसा जगाता है। कंपनी की मजबूत रणनीति और ब्रांड वैल्यू इसे आने वाले समय में और ऊंचा ले जा सकती है।

Page Industries Q1 FY26 के नतीजे: राजस्व में बढ़त लेकिन लाभ में गिरावट|

 

 Page Industries Q1 FY26 के नतीजे: राजस्व में बढ़त लेकिन लाभ में गिरावट

Page Industries, जो कि भारत में Jockey और Speedo जैसे नामी ब्रांड्स का लाइसेंसधारक है, ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में राजस्व में सकारात्मक ग्रोथ दिखाई है, लेकिन लाभ और मार्जिन पर दबाव देखा गया। यह ब्लॉग आपको Page Industries के तिमाही नतीजों का विस्तार से विश्लेषण देगा।

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🔎 मुख्य बिंदु (Key Highlights)

मापदंडQ1 FY26Q1 FY25परिवर्तन (YoY)
कुल राजस्व₹1,299.9 करोड़₹1,258.3 करोड़📈 3.3% वृद्धि
EBITDA₹186.5 करोड़₹211.1 करोड़📉 11.7% गिरावट
EBITDA मार्जिन14.3%16.8%📉 250 बीपीएस गिरावट
शुद्ध लाभ (PAT)₹117.3 करोड़₹158.3 करोड़📉 25.9% गिरावट
EPS₹104.9₹141.6📉 25.9% गिरावट

📈 राजस्व में बढ़त, लेकिन लाभ में दबाव

Page Industries ने इस तिमाही में ₹1,299.9 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.3% अधिक है। यह बढ़ोतरी कंपनी की मजबूत ब्रांड पहचान और उपभोक्ता मांग को दर्शाती है। खासकर अंडरगारमेंट्स, एथलीजर और लाउंजवियर श्रेणी में अच्छी बिक्री देखी गई।

लेकिन वहीं, EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) में 11.7% की गिरावट दर्ज की गई और शुद्ध लाभ में भी 25.9% की कमी आई। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी को बढ़ी हुई लागत और ऑपरेटिंग खर्चों का सामना करना पड़ा।


💹 EBITDA और मार्जिन पर असर

इस तिमाही में EBITDA ₹186.5 करोड़ रहा, जबकि पिछली साल इसी तिमाही में यह ₹211.1 करोड़ था। EBITDA मार्जिन 16.8% से घटकर 14.3% पर आ गया, यानी लगभग 250 बेसिस प्वाइंट की गिरावट

इस गिरावट के पीछे कारण हैं:

  • कच्चे माल की लागत में बढ़ोतरी

  • प्रमोशनल खर्चों में वृद्धि

  • लॉजिस्टिक्स और इन्वेंटरी प्रबंधन में चुनौतियाँ


🧵 ब्रांड प्रदर्शन और उत्पाद श्रेणी

Page Industries ने Q1 FY26 में अपने ब्रांड पोर्टफोलियो पर फोकस बनाए रखा:

  • Jockey: अंडरगारमेंट और इनरवियर सेगमेंट में ब्रांड का वर्चस्व कायम है।

  • Speedo: स्विमवियर और एथलीजर श्रेणी में लगातार ग्रोथ देखी गई है।

कंपनी ने नई रेंज जैसे कि Jockey Juniors और Activewear को बढ़ावा दिया, जो युवाओं और फिटनेस-केंद्रित ग्राहकों को आकर्षित कर रही है।


🏬 रिटेल और ऑनलाइन बिक्री

Page Industries ने तिमाही के दौरान अपने एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स (EBOs) की संख्या में वृद्धि की। साथ ही, ई-कॉमर्स चैनल से बिक्री में भी मजबूती देखी गई। डिजिटल सेल्स और ओमनीचैनल स्ट्रेटेजी से कंपनी को नए ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिली।


📉 निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?

  • शेयरधारकों के लिए यह तिमाही थोड़ी निराशाजनक रही क्योंकि लाभप्रदता में गिरावट आई है।

  • लेकिन राजस्व में वृद्धि और ब्रांड की स्थिरता यह दर्शाते हैं कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक है।


🧠 प्रबंधन की रणनीति

Page Industries ने इस तिमाही में कुछ प्रमुख रणनीतियाँ अपनाई:

  1. मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण: ग्राहकों की खरीद शक्ति को देखते हुए प्राइसिंग स्थिर रखी गई।

  2. विस्तार योजनाएँ: नए शहरों और टियर-2/3 बाजारों में विस्तार।

  3. डिजिटल निवेश: वेबसाइट और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर अनुभव सुधार।

  4. ऑपरेशनल एफिशिएंसी: लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन में स्वचालन।


📊 शेयर बाजार में प्रतिक्रिया

Q1 FY26 के नतीजों के बाद शेयर बाजार ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी। हालांकि शेयर में तुरंत तेजी नहीं आई, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की दीर्घकालिक रणनीतियाँ लाभकारी साबित हो सकती हैं।


🔮 आगे का रास्ता

Page Industries भारत में इनरवियर और एथलीजर सेगमेंट की सबसे मजबूत कंपनियों में से एक है। जबकि इस तिमाही में लाभ में गिरावट रही, कंपनी का फोकस ब्रांड बिल्डिंग, मार्केट एक्सपेंशन और डिजिटल परफॉर्मेंस पर है, जिससे आने वाले समय में रिकवरी की संभावना बनी हुई है।


📌 निष्कर्ष

Q1 FY26 में Page Industries ने मिश्रित प्रदर्शन किया। राजस्व में वृद्धि एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन लागत बढ़ने और मार्जिन पर दबाव ने निवेशकों को थोड़ी चिंता दी है। हालांकि, कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति और ब्रांड मूल्य इसे मजबूती प्रदान करता है।

👉 यदि आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं, तो Page Industries अभी भी एक भरोसेमंद विकल्प हो सकता है। आने वाली तिमाहियों में लाभप्रदता में सुधार के संकेत मिलने पर शेयर में अच्छी तेजी आ सकती है

Edelweiss Financial Q1 FY26 Results: राजस्व में बढ़त, मुनाफे में भारी गिरावट|

 

Edelweiss Financial Q1 FY26 Results: राजस्व में बढ़त, मुनाफे में भारी गिरावट

Edelweiss Financial Services Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी ने राजस्व और ऑपरेटिंग इनकम में मजबूती दिखाई है, लेकिन शुद्ध लाभ और प्रति शेयर आय (EPS) में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

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इस ब्लॉग में हम Edelweiss Financial के तिमाही प्रदर्शन, प्रमुख आँकड़ों, संभावनाओं और निवेशकों के लिए इसके क्या मायने हैं – इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे।


📊 Q1 FY26 के मुख्य वित्तीय आंकड़े

संकेतक (Metric)Q1 FY26 (₹ करोड़)Q4 FY25 (₹ करोड़)परिवर्तन (QoQ)
कुल राजस्व (Revenue)₹2,325.07₹2,222.84🔼 4.6%
ऑपरेटिंग इनकम (Operating Income)₹794.02₹670.74🔼 18.3%
शुद्ध लाभ (Net Profit)₹58.89₹105.34🔽 65.2%
कर पूर्व लाभ (PBT)₹104.70₹196.32🔽 51.9%
ईपीएस (Diluted EPS)₹1.67₹2.02🔽 41.4%

🏦 कंपनी का परिचय

Edelweiss Financial Services Ltd भारत की एक प्रमुख वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी है, जो विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं देती है जैसे:

  • निवेश बैंकिंग

  • वैल्थ मैनेजमेंट

  • एसेट मैनेजमेंट

  • क्रेडिट

  • बीमा वितरण

कंपनी का उद्देश्य ग्राहकों को एक छत के नीचे सभी वित्तीय समाधान देना है। इसके मजबूत ग्राहक आधार और डिजिटल फोकस ने इसे भारतीय वित्तीय बाजार में एक अहम स्थान दिलाया है।


📈 तिमाही प्रदर्शन का विश्लेषण

✅ राजस्व और ऑपरेटिंग इनकम में वृद्धि

Q1 FY26 में Edelweiss Financial ने कुल ₹2,325.07 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो पिछली तिमाही से 4.6% अधिक है। वहीं, ऑपरेटिंग इनकम में भी 18.3% की वृद्धि देखने को मिली। यह दर्शाता है कि कंपनी की परिचालन गतिविधियां मजबूत हो रही हैं और उसका बिजनेस मॉडल अभी भी टिकाऊ बना हुआ है।

❌ शुद्ध लाभ में गिरावट

जहां एक ओर ऑपरेशन से आय बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर Net Profit में 65% की गिरावट कंपनी के लिए चिंता का विषय है। Q4 FY25 में जहां कंपनी ने ₹105.34 करोड़ का लाभ कमाया था, वहीं Q1 FY26 में यह घटकर ₹58.89 करोड़ रह गया।

❌ PBT और EPS में भी गिरावट

कर पूर्व लाभ (PBT) और ईपीएस (EPS) में भी क्रमशः 51.9% और 41.4% की गिरावट दर्ज की गई है, जो दर्शाता है कि कंपनी को लागत या अन्य वित्तीय दबावों का सामना करना पड़ा है।


🔍 गिरावट के संभावित कारण

  1. ब्याज दरों में अस्थिरता – वित्तीय कंपनियों के लिए उधारी की लागत बढ़ी है।

  2. कर्ज वसूली में चुनौतियाँ – नॉन-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को कलेक्शन में परेशानी हो सकती है।

  3. मार्केट वोलैटिलिटी – निवेश से मिलने वाला रिटर्न प्रभावित हो सकता है।

  4. विनियामक दबाव – SEBI और RBI के नियमन का प्रभाव कंपनी की संरचना और संचालन पर पड़ता है।


🧠 प्रबंधन की रणनीति

कंपनी का फोकस अब अपने कोर बिजनेस जैसे वैल्थ और एसेट मैनेजमेंट को मजबूत करने पर है। साथ ही, डिजिटल फाइनेंस और फिनटेक प्लेटफॉर्म्स पर निवेश के ज़रिए नए ग्राहकों को जोड़ने की रणनीति पर काम हो रहा है।


👀 निवेशकों के लिए संदेश

✅ सकारात्मक पक्ष:

  • राजस्व और ऑपरेटिंग इनकम में सुधार से स्पष्ट है कि कंपनी की मूलभूत गतिविधियां मजबूत हैं।

  • डिजिटल और टेक-ड्रिवन मॉडल भविष्य में ग्रोथ की संभावना दिखाते हैं।

❌ नकारात्मक पक्ष:

  • शुद्ध लाभ में भारी गिरावट निवेशकों के रिटर्न पर असर डाल सकती है।

  • EPS में गिरावट से शेयर वैल्यूएशन पर दबाव आ सकता है।

📌 निवेशक क्या करें?

  • लॉन्ग टर्म निवेशक कंपनी की अगली तिमाही का इंतजार करें।

  • शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को अभी सतर्क रहना चाहिए।

  • नए निवेशक कम भाव पर एंट्री की संभावना तलाश सकते हैं, लेकिन रिस्क अवेयरनेस के साथ।


🔚 निष्कर्ष

Edelweiss Financial Services के Q1 FY26 परिणाम मिश्रित रहे हैं। जहां कंपनी की राजस्व और परिचालन इनकम में सुधार हुआ है, वहीं शुद्ध लाभ और EPS में तेज गिरावट चिंता का विषय है।

कंपनी को लागत नियंत्रण और लाभप्रदता पर ध्यान देने की जरूरत है। अगर प्रबंधन रणनीतिक रूप से इन पहलुओं पर काम करता है, तो आने वाले समय में कंपनी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

Prism Johnson Q1 FY25 परिणाम: कंपनी घाटे में, राजस्व और लाभ में गिरावट|

 

Prism Johnson Q1 FY25 परिणाम: कंपनी घाटे में, राजस्व और लाभ में गिरावट

प्रिज्म जॉनसन लिमिटेड (Prism Johnson Ltd) ने वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही (Q1) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में नुकसान दर्ज किया है, जो निवेशकों और विश्लेषकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। जहां एक ओर कंपनी के राजस्व में गिरावट देखने को मिली, वहीं मुनाफे में भी तेज गिरावट आई है।

q1 results


इस ब्लॉग में हम विस्तार से Q1 FY25 के नतीजों का विश्लेषण करेंगे और जानेंगे कि किन कारणों से कंपनी को घाटा हुआ।


📊 तिमाही नतीजों की मुख्य बातें (Q1 FY25 Highlights)

वित्तीय आँकड़ेQ1 FY25 (₹ करोड़ में)Q4 FY24 (₹ करोड़ में)परिवर्तन (%)
कुल राजस्व (Revenue)₹1,763.15₹2,003.14–8.1%
संचालन लाभ (Operating Profit)₹20.67₹201.84भारी गिरावट
शुद्ध लाभ/हानि (Net Profit)₹–7.70 (हानि)₹129.30 (लाभ)नकारात्मक मोड़
कर पूर्व लाभ (PBT)₹–16.02₹165.97गिरावट
ईपीएस (EPS)₹–0.15₹0.44मुनाफे से घाटा

🏢 कंपनी का परिचय

प्रिज्म जॉनसन लिमिटेड एक प्रमुख भारतीय कंपनी है जो सीमेंट, टाइल्स, रेडी मिक्स कंक्रीट और अन्य निर्माण सामग्रियों के निर्माण में सक्रिय है। यह कंपनी भारत में कंस्ट्रक्शन सेक्टर की एक महत्वपूर्ण कड़ी है और "Prism Cement", "Johnson Tiles" और "RMC Readymix" जैसे ब्रांड्स के जरिए बाजार में अच्छी पकड़ बनाए हुए है।


📉 राजस्व में गिरावट के कारण

Q1 FY25 में कंपनी का राजस्व ₹1,763.15 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही (Q4 FY24) में ₹2,003.14 करोड़ था। इसका मतलब है कि कंपनी के राजस्व में लगभग 8.1% की गिरावट आई है। इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण हो सकते हैं:

  • सीमेंट और निर्माण क्षेत्र में मांग में अस्थायी गिरावट।

  • मानसून की देरी और रियल एस्टेट में धीमापन।

  • इनपुट लागत में वृद्धि और सप्लाई चेन की दिक्कतें।


💸 शुद्ध लाभ से घाटे में तब्दीली

पिछली तिमाही में जहां कंपनी ने ₹129.30 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था, वहीं इस तिमाही में उसे ₹7.70 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। कर पूर्व लाभ (PBT) भी ₹165.97 करोड़ से गिरकर ₹–16.02 करोड़ पर आ गया।

इस गिरावट से यह स्पष्ट है कि कंपनी को न केवल लागत नियंत्रण में दिक्कत हो रही है, बल्कि बाजार से मिलने वाले मार्जिन में भी भारी दबाव है।


🧮 EPS में भी गिरावट

Diluted EPS (Earnings Per Share) इस तिमाही में ₹–0.15 रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹0.44 था। इसका सीधा असर शेयरधारकों पर पड़ता है, क्योंकि EPS में गिरावट का मतलब निवेश पर रिटर्न घटता है।


🔍 निवेशकों के लिए संकेत

  • यह तिमाही कंपनी के लिए कमजोर साबित हुई है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि आगे भी यही ट्रेंड जारी रहे।

  • निर्माण और सीमेंट सेक्टर में त्योहारी सीजन (Q3-Q4) में मांग बढ़ने की संभावना है।

  • अगर कंपनी लागत नियंत्रण और मांग प्रबंधन में सफल होती है, तो अगले कुछ क्वार्टर में सुधार संभव है।


📈 क्या करें निवेशक?

यदि आप Prism Johnson के शेयरधारक हैं या इसमें निवेश की योजना बना रहे हैं, तो आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण रखें: सीमेंट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर का भविष्य मजबूत है।

  • आगामी तिमाहियों के नतीजों पर नजर रखें – खासकर त्योहारी सीजन के दौरान।

  • मैनेजमेंट कमेंट्री और रणनीति को फॉलो करें कि कंपनी कैसे घाटे से उबरने की योजना बना रही है।


🧱 Prism Johnson की भविष्य की रणनीति

कंपनी ने संकेत दिए हैं कि वह लागत को कम करने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और डिजिटल तकनीकों को अपनाने पर ध्यान दे रही है। साथ ही, ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने की योजना भी बनाई जा रही है।


🔚 निष्कर्ष

Prism Johnson के लिए Q1 FY25 एक कठिन तिमाही रही है, जिसमें राजस्व और लाभ दोनों में गिरावट देखी गई। हालांकि, यह एक अस्थायी झटका हो सकता है और कंपनी आने वाले समय में अपनी रणनीति और बाजार मांग के जरिए स्थिति को सुधार सकती है।

अगर आप एक निवेशक हैं, तो जल्दबाज़ी में निर्णय न लें। कंपनी की अगली तिमाही के परिणामों और मैक्रो-इकोनॉमिक स्थितियों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें।


बुधवार, 6 अगस्त 2025

Divi’s Laboratories Q2 FY26 परिणाम: मुनाफे में शानदार उछाल, निवेशकों की उम्मीदें बढ़ीं

 

Divi’s Laboratories Q2 FY26 परिणाम: मुनाफे में शानदार उछाल, निवेशकों की उम्मीदें बढ़ीं

Divi’s Laboratories, जो फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में अपनी मजबूत उपस्थिति और API निर्माण में अग्रणी स्थान रखती है, ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में राजस्व और मुनाफे दोनों में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जिससे निवेशकों और विश्लेषकों को इसके भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं।

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इस ब्लॉग में हम Divi’s Lab के Q2 FY26 नतीजों का गहराई से विश्लेषण करेंगे और देखेंगे कि ये परिणाम बाजार के अनुमानों के अनुरूप रहे या नहीं।


🏢 कंपनी परिचय: Divi’s Laboratories

Divi’s Laboratories एक प्रमुख भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी है जो एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API), इंटरमीडिएट्स और न्यूट्रास्युटिकल्स के उत्पादन में माहिर है। यह कंपनी दुनियाभर की कई दवा कंपनियों को सामग्री की आपूर्ति करती है। अपनी गुणवत्ता, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के लिए Divi’s Labs को वैश्विक स्तर पर सराहा जाता है।


📊 Q2 FY26 के मुख्य वित्तीय परिणाम

वित्तीय संकेतकQ2 FY26 (₹ करोड़ में)Q1 FY26 (₹ करोड़ में)वृद्धि (%)
कुल राजस्व (Revenue)2,3382,118+10.4%
परिचालन लाभ (EBITDA)617525+17.5%
शुद्ध लाभ (Net Profit)510430+18.6%
प्रति शेयर आय (EPS)₹19.20₹16.20+18.5%

निष्कर्ष: कंपनी ने इस तिमाही में सभी मोर्चों पर सकारात्मक प्रदर्शन किया है। राजस्व और लाभ में मजबूत वृद्धि ने कंपनी की स्थिरता और विस्तार की संभावनाओं को दर्शाया है।


🔍 परिणामों की प्रमुख बातें

  1. राजस्व में बढ़ोतरी: ₹2,338 करोड़ का कुल राजस्व, जो पिछले तिमाही से लगभग 10.4% अधिक है।

  2. शुद्ध लाभ में तेज उछाल: कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹510 करोड़ रहा, जो Q1 के ₹430 करोड़ की तुलना में लगभग 19% अधिक है।

  3. मजबूत ऑपरेटिंग मार्जिन: EBITDA में 17.5% की बढ़ोतरी से कंपनी की लागत प्रबंधन और परिचालन कुशलता स्पष्ट होती है।

  4. EPS में सुधार: ₹19.20 की प्रति शेयर आय से शेयरधारकों को लाभ हुआ है और यह निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।


📈 शेयर बाजार की प्रतिक्रिया

Divi’s Labs के Q2 परिणामों की घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में थोड़ी गिरावट देखी गई, हालांकि निवेशकों ने इस गिरावट को खरीदारी का अवसर माना। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा सुधार की स्थिति को देखते हुए, कंपनी के शेयरों में लंबी अवधि में स्थिर लाभ मिलने की संभावना है।


🧠 विश्लेषकों की राय

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि Divi’s Laboratories ने इस तिमाही में जिस प्रकार से प्रदर्शन किया है, वह इसके मजबूत बिजनेस मॉडल, रिसर्च क्षमताओं और वैश्विक डिमांड में निरंतर वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा, नई मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं और विदेशी बाजारों में बढ़ते ऑर्डर्स के कारण आगामी तिमाहियों में और भी बेहतर परिणाम आने की संभावना है।


🌍 वैश्विक बाजारों में विस्तार

Divi’s Labs ने अमेरिका, यूरोप और जापान जैसे बाजारों में अपनी उपस्थिति को मजबूत किया है। इसके अलावा, कंपनी की नई उत्पाद श्रृंखलाएं और फार्मा इनोवेशन पर ध्यान देने से इसकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में स्थिति और मजबूत हुई है।


🔮 भविष्य की संभावनाएं

Divi’s Laboratories आने वाले वर्षों में निम्नलिखित क्षेत्रों पर फोकस कर रही है:

  • नवीन उत्पाद विकास (R&D)

  • CDMO (Contract Development & Manufacturing Organization) सेवाओं का विस्तार

  • नई API लॉन्च

  • यूरोप और अमेरिका में क्लाइंट बेस का विस्तार

इन रणनीतियों के बल पर कंपनी की ग्रोथ यात्रा और तेज होने की उम्मीद है।


📌 निष्कर्ष

Divi’s Laboratories ने Q2 FY26 में शानदार प्रदर्शन किया है। राजस्व, मुनाफा और प्रति शेयर आय में हुई वृद्धि ने कंपनी की दक्षता और बाजार में उसके मजबूत स्थान को सिद्ध किया है। निवेशकों और विश्लेषकों के लिए यह परिणाम भरोसेमंद और उत्साहजनक हैं।

यदि आप फार्मा सेक्टर में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो Divi’s Labs एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प हो सकता है।

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